Monday, 24 June 2019

नाखूनों के रंगों से जाने स्वास्थ्य /नाखूनों के रंगों से जाने कौन सी बीमारी है -Nails health [ayurvedicsujhav]

Hello dosto Namskar 
मनुष्य शरीर में कोई भी बीमारी या कुछ समस्या हो तो शरीर के अंगों से पता चल जाता है जैसे बुखार आने पर हाथ पैर सिर का बहुत तेज गर्म होना।
पीलिया होने पर शरीर के कुछ अंगों का पीला पड़ना इसी प्रकार नाखून से हमारे शरीर में होने वाले गड़बड़ का पहले संकेत देने लगते हैं जिसके द्वारा हम पता लगा सकते हैं कि हम स्वस्थ हैं या नहीं।
 इस बात का पता हम अपने नाखूनों देकर आसानी से लगा सकते हैं
तो आइए आज हम जानेंगे कि नाखूनों के रंगों से हम कैसे पता लगा सकते कि कौन सी बीमारी है या नहीं

नाखूनों के बारे में (About nails)--

हमारे शरीर के नाखून के विशेष प्रकार के प्रोटीन केराटीन से बने होते हैं।
वैसे नाखून का काम हमारे अंगुलियों की रक्षा करना होता है। हमारे नाखून हर समय बढ़ते रहते हैं और अनुमानित तौर पर 3 से 6 महीने में एक नया नाखून बन जाता है कुछ शोध में यह भी पाया गया कि अंगुलियों के नाखून पैरों के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ते हैं। इतना ही नहीं नाखून बीमारियों के संबंध में तमाम संकेत भी देते हैं जिन पर हम ध्यान देकर सही समय पर रोकथाम कर सकते हैं।

नाखूनों के रंगों से जाने सेहत (Knowing the colors of nails) --

1. पीले नाखून (Yellow nails)--

नाखूनों के रंगों का बहुत अधिक पीला पड़ना गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है जैसे रक्ताल्पता, कॉन्जेस्टिव, हार्ट फेलियर यकृत की बीमारियां कुपोषण आदि। इसके अतिरिक्त नाखून पीले पड़ने के पीछे सबसे आम कारण फंगल संक्रमण। जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता जाता है नाखून में दिखाई देने वाला रक्त का लाल रंग कम होता जाता है नाखून मोटा हो सकता है या टूटकर गिर सकता है बहुत ही कम मामलों में पीले नाखून गंभीर थायराइड रोग फेफड़ों की बीमारी मधुमेह या सोरायसिस जैसे गंभीर स्थिति का संकेत भी दे सकते हैं।

2. सफेद नाखून (White nails)--

नाखून गहरी छोटी लहरो के साथ सफेद होते हैं तो यह हेपेटाइटिस जैसी लीवर की समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है।

3. नीले नाखून (Blue nails)--

नाखूनों पर नीले निशान का मतलब यह हो सकता है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। यह एम्फिसिया जैसी फेफड़ों की समस्याओं के कारण हो सकता है या किसी हृदय संबंधित समस्याओं का भी संकेत हो सकता है।

4. पके नाखून (Ripe nails)--

पक्के में नाखून का मतलब हो सकता है कि सोरायसिस या गठिया रोग का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। नाखूनों का रंग बदलना आम है। कभी-कभी नाखूनों की भीतरी त्वचा लाल-भूरा रंग के लिए दिख सकती है।

5. नाखून को दांत से काटना (Toe nail)--

कई लोगों में नाखून चबाने की आदत होती है लेकिन यह तनाव या व्यग्रता का संकेत हो सकता है। नाखून चबाने का संबंध औसीडी यानी आॅब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से भी है। जिसमें व्यक्ति किसी भी कार्य की चिंता अवसाद की स्थिति में बार-बार करने को बाध्य होते हैं अगर नाखून चबाने से रोक पाना मुश्किल तो एक बार चिकित्सक से सलाह अवश्य ले।

6. नाखूनों का रूखापन (Nail stings)--

रुखे हुए व आसानी से टूटने वाले नाखून थायराइड से जुड़े हो सकते हैं पीला रंग के लिए नाखूनों का टुटना फंगल इन्फेक्शन के कारण हो सकता है।

7. नाखूनों के आसपास सुजन (Swelling around nails)--

नाखूनों के आसपास की त्वचा लाल व सूजी हुई दिखाई देती है तो यह त्वचा रोग या टिश्यु डिसऑर्डर का परिणाम हो सकता है संक्रमण नाखूनों का आसपास की त्वचा लाल रंग और सूजन को बढ़ावा देता है।
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