Sunday, 29 September 2019

पेट का मोटापा कम करने व कब्ज ठीक करने के लिए महत्वपूर्ण योगासन - Important Yogasanas to reduce abdominal obesity and cure constipation [ayurvedicsujhav]

Hello Dosto Namskar Welcome to ayurvedicsujhav.com
लोगों को मोटापे व कब्ज की problem अधिकतर होने लगी है। लोग मोटापे से बहुत ज्यादा परेशान रहते हैं। मोटापा बढ़ने से लोगों की problem भी बढ़ने लगती है। क्योंकि शरीर में मोटापा है तो अपने साथ अन्य प्रकार की बीमारियों को भी लेकर आता है। मोटापा बीमारियों का घर होता है। मोटापा बढ़ने से व्यक्ति की कब्ज problem भी काफी बढ़ जाती है मोटापा बढ़ने से शरीर का looks भी कम हो जाता है मोटापा बढ़ने का प्रमुख कारण होता है कि खानपान की शैली सही नहीं होना। व्यायाम नहीं करना आदि
 तो आइए आज हम आपको बताएंगे कि आप कौन कौनसे योगासन करके अपना मोटापा कम हुए कब से ठीक कर सकते हैं।

पेट का मोटापा कम करने व कब्ज ठीक करने के लिए महत्वपूर्ण योगासन

1. गोमुखासन- 


जमीन पर आराम की मुद्रा में बैठ जाए बाएं पैर को मोड़कर एडी को दाएं नितंब के पास रखें। दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर एक दूसरे से स्पर्श करते हुए रखें। दोनों जांघ एक दूसरे के ऊपर रखें। फिर दाहिने हाथ को ऊपर उठाकर दाहिने कंधे को ऊपर किए हुए हाथ को पीछे पीठ की ओर ले जाए। बाएं हाथ को पेट के पास से पीठ के पीछे से लेकर दाहिने हाथ के पंजे को पकड़े। गर्दन व कमर सीधी रखे लगभग 1 मिनट तक करने के बाद दूसरे ओर भी ऐसे ही करें

सावधानी - 

रीड की हड्डी में कोई problem है और घुटनों में दर्द है तो यह योगासन ना करें। 
अन्यथा प्रॉब्लम बढ़ सकती है।

2. उष्ट्रासन - 


वज्रासन की स्थिति में बैठने के बाद घुटनों के ऊपर खड़े होकर पैर के तलवों पर हथेलिया रखें। गर्दन को ढीला छोड़ दें और पेट को आसमान की ओर उठाएं। लगभग 5-10 सेकंड इस मुद्रा में रहने के बाद आराम की मुद्रा में आ जाए। इस प्रक्रिया को लगातार चार पांच बार कर सकते है। यह आसन करने से पेट संबंधी रोग, एसिडिटी, कब्ज, अपच, घुटने, ब्लेडर, किडनी, छोटी आंत, लीवर, पिंडलियों, पैरों, कंधे, कोहनी संबंधी रोगों में लाभ मिलता है।

सावधानी - 

हृदय संबंधी रोग, हर्निया के मरीज इस आसन को न करें ।स्लिप्ड डिस्क के मरीज भी बिना expert की मदद के न करें

3.त्रिकोणासन - 


यह योगासन पेट की चर्बी कम करने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। यह योग करते समय शरीर की आकृति त्रिकोण के जैसे हो जाती हैं इसलिए इसे त्रिकोणासन कहते हैं।
इसे करने के लिए अपने दोनों पैरों को फैला है और अपने दोनों हाथों को शरीर के साथ चिपकाए रखें। अब अपनी बाहों को body से दूर कंधे तक ले जाए और सांस अंदर लेते हुए दाएं हाथ को कान के पास सीधा ऊपर ले जाए और कान से चिपका ले। इसके बाद में सांस बाहर छोड़ते हुए अपने कमर को हाथ के विपरीत side अर्थात बाए ओर झुके। इस time आप का दाया हाथ कौन से चिपका रहना चाहिए और घुटने भी सीधे रहने चाहिए।
अब दाएं हाथ को जमीन के समानांतर लाइए इसके साथ ही बाएं हाथ को बाएं पैर के टकने को छूने का प्रयास करें। आधे मिनट इसी अवस्था मे रहे। इसके बाद सांस अंदर लेते हुए आराम की मुद्रा में आ जाए। यह प्रक्रिया दाई और भी करें ऐसा करने से पूरी body में खिंचाव महसूस होगा जिससे कमर दर्द ठीक होने लगेगा ऐसा करने से फेफड़े स्वस्थ होंगे। ऐसा करने से कब्ज भी दूर होगी।

सावधानी - 

High B.P व low B.P होने तथा अधिक एसिडिटी होने पर भी योगासन नहीं करें। पीठ, कमर दर्द ,गर्दन दर्द, तथा चक्कर आने पर योगासन नहीं करें।

4.ताड़ासन - 


पंजे के बल खड़े रहकर दोनों हाथों को ऊपर ले जाइए फिर हाथों के अंगुलियों को लोक लगाकर हाथों के पंजों को ऊपर की ओर मोड़ दे। हथेली आसमान की ओर रहे। गर्दन सीधी रखें। कुछ देर इसी अवस्था में रहकर आराम की मुद्रा में आ जाए। शुरुआत में 5- 10 बार कर सकते हैं। नियमित करने से पैरों पंजे पिंडलियों में मजबूती में फायदा मिलता है। बच्चों के शारीरिक विकास और लंबाई बढ़ाने में यह योगासन बहुत फायदेमंद होता है।

सावधानी - 

गर्भवती महिलाएं जिनके घुटनों में दर्द है उन्हें ये योगासन नहीं करना चाहिए। High B.P  के मरीज को भी नहीं करना चाहिए।

5. भुजंगासन - 


पेट के बल लेटने के बाद हाथों को कोहनियो से मोड़ते हुए हथेलीयो को बाजूओ के नीचे रखें। हथेली पर दबाव बनाते हुए सिर को ऊपर उठाए।तीन से चार बार यह आसन करें। पेट की चर्बी घटती है। फेफड़े और रीड की हड्डी मजबूत होती है। पीठ लचीली होती है। कब्ज, पाचन, दमा पुरानी खांसी में मिला मिलता है।

सावधानी - 

High B.P. , गर्दन में दर्द मांसपेशियों में खिंचाव है तो यह योगासन नहीं करना चाहिए

6. उत्तानपादासन - 


 उत्तानपादासन में अपने दोनों पैरों को थोड़ा ऊपर उठाए जाता है इसलिए उत्तानपादासन कहते हैं। यह योगासन लेट कर किया जाने वाले आसनों में सबसे महत्वपूर्ण है। पेट की चर्बी को कम करने में महत्वपूर्ण होता है। इस योगासन को करने से पेट की मांसपेशियों मजबूत होती तथा पाचन क्षमता भी बढ़ती है। तथा यह पेट में गैस एसिडिटी कब्ज को भी ठीक करता है।
योगासन करने के लिए जमीन पर चादर बिछाकर उस पर आराम की मुद्रा में लेट जाए अब हाथों को शरीर से चिपका ले और हथेलियों को जमीन की ओर कर ले। अब गहरी सांस अंदर लेते हुए अपने दोनों पैरों को हवा में ऊपर उठाना चाहिए। पैरों को 30 डिग्री तक ही ऊपर ले जाये यानि अपने पैर खुद को देखने नहीं चाहिए। सिर भी नहीं हलना चाहिए इस मुद्रा में। अब इस मुद्रा में सांस अंदर लेते हुए व बाहर छोड़ते रहना चाहिए। इस मुद्रा में लगभग 30 सेकंड तक रहना चाहिए बाद में गहरी सांस छोड़ते हुए अपने पैरों को जमीन की ओर ले आए
योगासन कम से कम तीन-चार बार करना चाहिए

सावधानी - 

गर्भावस्था के समय यह योगासन नहीं करना चाहिए। जिनके पेट का ऑपरेशन हुआ है उन्हें भी नहीं करना चाहिए।

Sunday, 1 September 2019

कोलेस्ट्रॉल घटाने के घरेलू आयुर्वेदिक सुझाव - Domestic Ayurvedic Tips To Lower Cholesterol [ayurvedicsujhav ]

Hello dosto Namskar 
 आज के दिनो में कोलेस्ट्रोल बढ़ना सामान्य problems हो गई है। कोलेस्ट्रॉल level बढ़ने से बहुत ही खतरनाक बीमारियां हो सकती है जैसे हार्ट अटैक होने की संभावना काफी अधिक हो जाते हैं ।क्योंकि कोलेस्ट्रोल हृदय की रक्त वाहिनियो में जमा हो जाता हैं। जिससे हृदय में रक्त ठीक से पहुंच नहीं पाता है इस कारण हार्ट अटैक समस्या बढ़ जाती है। कोलस्ट्रोल बढ़ने से आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है आंखों की रोशनी कम होने की संभावना बढ जाती है। कोलेस्ट्रॉल level बढ़ने से मानसिक समस्या भी बढ़ती है।
कोलस्ट्रोल बढ़ने के अनेक कारण हो सकते हैं जैसे- life में ज्यादा तनाव होने व मेहनत के कार्य न करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल पड़ने की संभावना भी बढ़ जाती है। कोलेस्ट्रोल बढ़ाने में सबसे महत्वपूर्ण हमारी खाने-पीने की खराब आदत होती है। यदि हम बुरे कोलेस्ट्रॉल (LDL)  के लेवल को कम करना है तो खाने पीने की डाइट और जीवन जीने की life style  में कुछ जरूरी चेंज करने होंगे।
तो आज मैं आपको बताएंगे कि कोलेस्ट्रोल घटाने के आयुर्वेदिक सुझाव जिनका दैनिक जीवन में उपयोग कर कोलेस्ट्रॉल कम कर सकते हैं।


कोलेस्ट्रॉल घटाने के घरेलू आयुर्वेदिक सुझाव ( Domestic Ayurvedic Tips To Lower Cholesterol )


1.धनिया की सहायता से cholesterol कम करना - 

धनिया के बीज बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होते हैं। यह आसान और सबसे बढ़िया तरीका है। एक आधा लीटर पानी में दो चम्मच धनिया के बीजों को पानी में उबालकर छान लें अब इसे ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद यह काढ़ा बन जाता है। इसे काढे को दिन में दो-तीन बार सेवन करें ऐसा करने से कुछ ही दिनों में शरीर का बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम हो जाएगा।

2. फाइबर युक्त चीजो के सेवन से cholesterol कम करना - 

अपने भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाने होगी। फाइबर अपने साथ cholesterol के कणों को शरीर से बाहर करने और इस तरीके Cholesterol के level को कम करने में मददगार होते हैं। फाइबर मुख्य रूप से ओट्स, जौ, शंकरकंद, एप्पल, और बींस में काफी मात्रा में होते हैं। इसके अलावा गाजर, संतरे, नाशपाति भी फाइबर के स्रोत है ।
ऐसा करने से कुछ ही दिनों में शरीर का बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम हो जाएगा।

3.आंवला की सहायता से cholesterol कम करना -

आंवला एक प्रकार का आयुर्वेदिक औषधि है। जो अनेक प्रकार की औषधि दवा के रूप में काम आता है। आप जानते हैं कि आंवले में विटामिन सी की अच्छी मात्रा उपस्थित होती है तथा इसके साथ ही आंवले में अच्छी एंटीऑक्सीडेंड और खनिज लवणों का भंडार होता है। आंवला भोजन में उपस्थित cholesterol को अवशोषित कर शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से रोकता है वह अच्छे cholesterol (HDL) के स्तर को बढ़ाने में Help करता है। आंवले के नियमित सेवन से cholesterol को कम किया जा सकता है

4. पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स के सेवन से cholesterol कम करना -

फैट्स के प्रकार के होते हैं। अनसैचुरेटेड फैट्स लाभदायक होते हैं। जबकि सैचुएटेड फैक्ट्स लाभदायक नहीं होते हैं। पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स एक अनसैचुरेटेड फैट का ही भाग है।
पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स Cholesterol के level को कम कर दिल की बीमारियों के खतरे से भी बचाता है पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स मछली में सबसे ज्यादा मिलता है । शाहाकारी लोगों के लिए अखरोट व अलसी का सेवन कर सकते हैं। इनमे भी पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स काफी मात्रा में होता है। ऐसा करने से कुछ ही दिनों में शरीर का बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम हो जाएगा।

5.पालक की सहायता से cholesterol कम करना - 

इस पत्तेदार पालक में बहुत अधिक मात्रा में ल्युटिन पाया जाता है। यह पत्तेदार हरा पालक धमनियों में cholesterol को एकत्रित होने से रोकता है। इसके लिए आपको ल्युटिन युक्त हरे पालक का सेवन करना चाहिए हमारे शरीर में ल्युटिन की मात्रा की पूर्ति करता है। वह कोलेस्ट्रोल बढ़ने से रोकता है।
ऐसा करने से कुछ ही दिनों में शरीर का बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम हो जाएगा।

6.प्लांट प्रोटीन का सेवन से cholesterol कम करना - 

प्लांट प्रोटीन से मतलब ऐसा प्रोटीन जो वनस्पतियो या पौधों से मिलता है न की वह जो डेयरी पदार्थों अंडो या नॉनवेज जैसी चीजो से। यह प्रोटीन दाल और सोयाबीन राजमा चन्ना मूंगफली बादाम आदि से पर्याप्त मात्रा में प्राप्त किया जा सकता है। इसमें बेड कोलेस्ट्रोल के लेवल को कम करने में सहायता मिलती है।
ऐसा करने से कुछ ही दिनों में शरीर का बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल कम हो जाएगा।

7. Daily exercise से  cholesterol levels को कम करना -

Exercise से वजन Control के साथ - साथ LDL जैसे खराब cholesterol का level भी कम होगा अगर आप एक्साइज नहीं कर सकते तो कम से कम आधे घंटे के लिए मॉर्निंग वॉक का समय तो जरूर निकाल सकते हैं। इसके अलावा छोटे छोटे काम के लिए वाहन का इस्तेमाल कम करने और लिफ्ट की जगह सीढियो का उपयोग बढ़ाकर भी आप कोलेस्ट्रेल के लेवल को कम कर सकते हैं

8. ट्रांसफैट का सेवन कम करके cholesterol levels को कम करना - 

ट्रांसफैट एक तरह का सैचुरेटेड फैट होता है जो health के लिए अच्छा नहीं है। ट्रांसफैट मुख्य रूप से डीप फ्राइड बेक्ड और क्रीम वाली चीजों में होता है। इसके लगातार सेवन से LDL जैसा बुरा cholesterol बढ़ता है तथा HDL जैसा अच्छा cholesterol level कम होता है। इसलिए जितना हो सके डीप फ्राइड  क्रीम ली चीजें का सेवन कम करें


Sunday, 28 July 2019

गर्दन के कालेपन को दूर करने के आसान घरेलू आयुर्वेदिक सुझाव - Easy home remedies to remove neck blackness [ayurvedicsujhav]

Hello dosto Namskar 
हम खूबसूरत दिखने के लिए बहुत कुछ करते हैं जैसे चेहरे पर बालों का पूर्ण ध्यान देते हैं। अनेक प्रकार की क्रिमे लगाते हैं अनेक प्रकार के घरेलू उपाय करते हैं पर गर्दन पर इतना ध्यान नहीं देते जितना चेहरे पर देते हैं। इस कारण धूल मिट्टी के कारण हमारी गर्दन काली पड़नी शुरू हो जाती है जिसके कारण हमारी सुंदरता पर भी प्रभाव पड़ता हैं। तथा सुंदरता कम होने लगती है। तो आइए आज हम बताएंगे कि इस समस्या से कैसे घरेलू उपाय कर छुटकारा पा सकते हैं।


गर्दन के कालेपन को दूर करने के घरेलू उपाय---

1. सेब का सिरका-


सेब का सिरका हमारी त्वचा के P.H को कंट्रोल रखता है और हमें प्राकृतिक निखार देता है त्वचा कालेपन का कारण त्वचा की मृत कोशिकाए होती हैं। सेब के सिरके में मेलिक एसिड होता है जो त्वचा की मृत कोशिका को हटाने का काम करता है।
       अब दो चम्मच सेब का सिरका को चार साफ पानी में मिला लें तथा रुई की सहायता से गर्दन पर लगा ले और 10-15 मिनट तक लगा रहने दें फिर साफ पानी से धो लें
      अब त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगा ले क्योंकि सेव का सिरका त्वचा को रूखा बना देता है 
ऐसा करने से आपकी गर्दन के कालापन दूर हो जाएगा


2. एलोवेरा-


एलोवेरा गर्दन के कालेपन को दूर करने के लिए बहुत लाभदायक है। इससे त्वचा का कालापन साफ होता है। 
     एक कप गर्म पानी में एक चम्मच एलोवेरा जैल  मिलाइए। अच्छी तरह से मिक्स करने के बाद कॉटन की मदद से इस मिश्रण को गर्दन पर लगाइए और 20 मिनट तक रहने दे फिर उन्होंने साफ पानी से गर्दन को साफ कर ले
ऐसा सप्ताह में कम से कम तीन चार बार करने से आपके गर्दन का कालापन दूर हो जाएगा।

3.बादाम का तेल-


बादाम के तेल में विटामिन-ई उपस्थित होता है जिसके कारण बदाम का तेल त्वचा को जवान बनाए रखता है और इसमें कुछ ब्लीचिंग का गुण होता है जो त्वचा को निखरता है और सुंदर बनाता है। वही टी-ट्री तेल रक्त संचार को बढ़ाता है तथा त्वचा पर किसी प्रकार का कोई काला दाग हो तो उसे भी ठीक करने का काम करता है 
   अबे सबसे पहले अपनी गर्दन को साफ पानी से अच्छी तरह धो लेवे और सूखने दें आप बादाम के तेल की मालिश करे और मालिश को 10:15 मिनट तक करें आप चाहे तो इसमें टी ट्री तेल भी मिला सकते हैं। अब सा गुनगुने पानी से गर्दन को साफ कर ले ऐसा Daily करने से आपकी गर्दन का कालापन दूर हो जाएगा।

4. टमाटर-


टमाटर में एसिड ओर एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुण होते हैं जो त्वचा की गंदगी को साफ करने और गर्दन के कालेपन को दूर करने के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
   टमाटर को मिक्सर से पीस लें इस पेस्ट को काले पड़ चुके भागो पर लगाएं। 20 मिनट बाद इसे धो ले। हफ्ते में दो-तीन बार इस्तेमाल करें चाहे तो टमाटर का टुकड़ा भी काले भागो पर रगड़ सकते हैं ऐसा करने पर भी कालिख दूर होती है।

5.उबटन-


 उबटन को मारवाड़ी भाषा में पीटी करते हैं जो दूल्हा में दुल्हन को शादी से पहले लगाते हैं जिससे उनके निखार में परिवर्तन आता है तथा उनके त्वचा का रंग गोरा होने लगता है।
  यह उबटन त्वचा की अशुद्धियों को दूर करता है जिससे हमारे रोम छिद्रों में कसावट आती है तथा जिसके कारण त्वचा निखरती है।
   अब दो चम्मच बेसन में थोड़ी सी हल्दी में आधा चम्मच नींबू का रस तथा गुलाब जल लेकर इन सब को एक कटोरी में पेस्ट बना लें अब इस गर्दन पर लगाकर 10:15 मिनट तक लगा रहने दे अब साफ गुनगुने पानी से धो लें 
   ऐसा Daily करने से कुछ ही दिनों में गर्दन का कालापन दूर हो जाएगा।

6. खीरा-


खिरा एक प्रभावी तरीका है जिससे शरीर के काले भागों को साफ किया जा सकता है। खिरे में प्राकृतिक ब्लीचिंग तत्व होते हैं जो त्वचा को रंग साफ करते हैं और त्वचा को प्राकृतिक निखार देते हैं 
अब इसका टुकड़ा लेकर काले जगह पर रगड़े और इसके बाद खीरे का रस लगाए। खिरे जूस में थोड़ा-सा नींबू का रस और हल्दी पाउडर मिलाकर पेस्ट बना लें और गर्दन पर लगाएं। 20-30 सूखने के बाद साफ गुनगुने पानी से धो लें।
ऐसा Daily करने से कुछ ही दिनों में गर्दन का काला रंग साफ हो जाएगा।

7. निंबू-


नींबू नेचुरल ब्लीचिंग है इसमें विटामिन सी होता है जो मरत त्वचा को हटाता है।
 नींबू को काटकर कोने पर धीरे-धीरे रगडे़। नियमित ऐसा करने से कालापन हल्का होकर दूर होने लगेगा।

8. हल्दी-


हल्दी एक अनमोल औषधि है जो प्रकृति की देन है इसका इस्तेमाल बहुत सी बीमारी में किया जाता है। सौंदर्य प्रसाधनों में तो इसका मुख्य स्थान मिला है। इसके इस्तेमाल से त्वचा के दाग धब्बे आसानी से दूर हो सकते हैं इससे गर्दन का कालापन भी दूर किया जा सकता है इसके लिए हल्दी और दूध को मिलाकर मिश्रण बना लें इससे इन काले भागों पर लगाइए जब सूख जाए तो पानी से साफ धो लें। धीरे धीरे कुछ दिनों में असर दिखने लगेगा।

Thursday, 11 July 2019

होठो को मुलायम रखने के घरेलू आयुर्वेदिक सुझाव -Domestic Nuxes to keep the lips soft -[Ayurvedicshujav]

Hello dosto Namskar
हमारे चेहरे पर आंखों के बाद सबसे कोमल होते हैं-होंठ। जो सर्दी के मौसम में रुखे या फट जाते हैं। सर्द मौसम में त्वचा के साथ होंठो की देखभाल भी आवश्यक है ताकि होंंठ नरम व मुलायम रहे। तो आइए आज हम आपको बताएंगे कैसे घरेलू नुक्से अपनाकर आप भी अपने होठों को मुलायम बना सकते हैं तथा फटने से भी बचा सकते हैं।




होठों को मुलायम रखने के घरेलू नुक्से (Domestic Nuxes to keep the lips soft) - --

1. शहद और चीनी लिप स्क्रब (Honey and sugar lip scrub)--

एक चम्मच चीनी में शहद के तीन चार बंदे मिलाएं। अब इसे होठों पर लगाकर हल्के हाथों से 2 मिनट के लिए अच्छी तरह से रगड़े। फिर हल्के गुनगुने पानी से होठों को धो ले। उसके बाद फोटो पर लिप बाम लगा ले इससे आपके होंठ मुलायम रहेंगे तथा फटने से बचेंगे।

2. ज्यादा पानी पीना चाहिए(Drink more water)--

आप तो जानते हैं कि हमारे शरीर के लिए पानी कितना आवश्यक है मौसम चाहे कौन सा भी हो सर्दी या गर्मी।
सेहतमंद रहने व होठों को मुलायम रखने के लिए हमारे शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है क्योंकि पानी की कमी से होठो में नमी खत्म हो जाती है जिसके कारण होठ  लगते हैं इसलिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीना चाहिए


3. जैतून का तेल और शुगर लिप स्क्रब(Olive oil and sugar lip scrub)--

एक चम्मच चीनी में जैतून के तेल की कुछ बूंदे मिलाया।फिर इस प्रकार बने स्क्रबर से होठों पर स्क्रब करें। फिर होठों को गुनगुने पानी से धो लें यह सब कुछ ही मिनटों में होठों को माश्चराइज करने का काम करेगा और होठ मुलायम रहेंगे। 

4.देसी घी के उपयोग से(Using ghee)--

देसी घी सबसे बढ़िया है आसान तरीका है क्योंकि यह लगभग हर घर में उपलब्ध होता है अतः देसी घी को अंगुली पर लेकर होठों पर मालिश करें जिससे रक्त संचार बढ़ेगा और होंठ फटने से रात में लेगी और और मुलायम रहेंगे।

5. कॉफी बींस स्क्रब(Coffee beans scrub)--

अगर आपके होंठ बहुत अधिक नाजुक है तो कॉपी स्क्रब का इस्तेमाल करें। सबसे पहले कॉफी बींस को बारीक पीस लें इसमें थोड़ा सा दूध मिलाए। अब कॉपी स्क्रब तैयार है इससे होठों को कुछ ही मिनटों के लिए मालिश करें फिर होठो को पानी से धो ले आपके होंठ मुलायम हो जाएंगे।

6. गुलाब की पंखुड़ियों का उपयोग(Use of rose petals)--

फटे हुए होठों को मुलायम बनाने के लिए गुलाब की पंखुड़ियों का इस्तेमाल बहुत ही फायदेमंद होता है। एक कटोरी में साफ पानी लेकर उसमें 10 15 गुलाब की पंखुड़ियों को भिगोकर रखें अब इस पेस्ट को होठों पर 10:15 मिनट तक लगाकर रखें ऐसा करने से फटे हुए होंठ मुलायम के साथ-साथ गुलाबी भी बनते हैं।

7. दालचीनी और शहद स्क्रब(Cinnamon and honey scrub)--

आधा-आधा चम्मच शहद दालचीनी पाउडर और जैतून तेल मिलाकर स्क्रब तैयार करें। इससे होठों को हल्की मसाज करें फिर गुनगुने पानी से धो लें आपके होंठ मुलायम रहेंगे।

8. सरसों का तेल(mustard oil)--

रात को सोने से पहले अपने नाभि पर सरसों का तेल लगाएं ऐसा करने से होंठ फटने के रोकथाम में मदद मिलेगी तथा होठ मुलायम भी रहेंगे।

9.--

मौसम कोई सा भी हो होठों को मुलायम रखने के लिए शरीर में विटामिन ए व बी की कमी न होने दें इन की कमी को पूरा करने के लिए अपने देनिक आहार में हरी सब्जी दूध घी मक्खन फल के जूस का सेवन करें।

Monday, 24 June 2019

नाखूनों के रंगों से जाने स्वास्थ्य /नाखूनों के रंगों से जाने कौन सी बीमारी है -Nails health [ayurvedicsujhav]

Hello dosto Namskar 
मनुष्य शरीर में कोई भी बीमारी या कुछ समस्या हो तो शरीर के अंगों से पता चल जाता है जैसे बुखार आने पर हाथ पैर सिर का बहुत तेज गर्म होना।
पीलिया होने पर शरीर के कुछ अंगों का पीला पड़ना इसी प्रकार नाखून से हमारे शरीर में होने वाले गड़बड़ का पहले संकेत देने लगते हैं जिसके द्वारा हम पता लगा सकते हैं कि हम स्वस्थ हैं या नहीं।
 इस बात का पता हम अपने नाखूनों देकर आसानी से लगा सकते हैं
तो आइए आज हम जानेंगे कि नाखूनों के रंगों से हम कैसे पता लगा सकते कि कौन सी बीमारी है या नहीं

नाखूनों के बारे में (About nails)--

हमारे शरीर के नाखून के विशेष प्रकार के प्रोटीन केराटीन से बने होते हैं।
वैसे नाखून का काम हमारे अंगुलियों की रक्षा करना होता है। हमारे नाखून हर समय बढ़ते रहते हैं और अनुमानित तौर पर 3 से 6 महीने में एक नया नाखून बन जाता है कुछ शोध में यह भी पाया गया कि अंगुलियों के नाखून पैरों के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ते हैं। इतना ही नहीं नाखून बीमारियों के संबंध में तमाम संकेत भी देते हैं जिन पर हम ध्यान देकर सही समय पर रोकथाम कर सकते हैं।

नाखूनों के रंगों से जाने सेहत (Knowing the colors of nails) --

1. पीले नाखून (Yellow nails)--

नाखूनों के रंगों का बहुत अधिक पीला पड़ना गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है जैसे रक्ताल्पता, कॉन्जेस्टिव, हार्ट फेलियर यकृत की बीमारियां कुपोषण आदि। इसके अतिरिक्त नाखून पीले पड़ने के पीछे सबसे आम कारण फंगल संक्रमण। जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता जाता है नाखून में दिखाई देने वाला रक्त का लाल रंग कम होता जाता है नाखून मोटा हो सकता है या टूटकर गिर सकता है बहुत ही कम मामलों में पीले नाखून गंभीर थायराइड रोग फेफड़ों की बीमारी मधुमेह या सोरायसिस जैसे गंभीर स्थिति का संकेत भी दे सकते हैं।

2. सफेद नाखून (White nails)--

नाखून गहरी छोटी लहरो के साथ सफेद होते हैं तो यह हेपेटाइटिस जैसी लीवर की समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है।

3. नीले नाखून (Blue nails)--

नाखूनों पर नीले निशान का मतलब यह हो सकता है कि शरीर को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। यह एम्फिसिया जैसी फेफड़ों की समस्याओं के कारण हो सकता है या किसी हृदय संबंधित समस्याओं का भी संकेत हो सकता है।

4. पके नाखून (Ripe nails)--

पक्के में नाखून का मतलब हो सकता है कि सोरायसिस या गठिया रोग का प्रारंभिक संकेत हो सकता है। नाखूनों का रंग बदलना आम है। कभी-कभी नाखूनों की भीतरी त्वचा लाल-भूरा रंग के लिए दिख सकती है।

5. नाखून को दांत से काटना (Toe nail)--

कई लोगों में नाखून चबाने की आदत होती है लेकिन यह तनाव या व्यग्रता का संकेत हो सकता है। नाखून चबाने का संबंध औसीडी यानी आॅब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर से भी है। जिसमें व्यक्ति किसी भी कार्य की चिंता अवसाद की स्थिति में बार-बार करने को बाध्य होते हैं अगर नाखून चबाने से रोक पाना मुश्किल तो एक बार चिकित्सक से सलाह अवश्य ले।

6. नाखूनों का रूखापन (Nail stings)--

रुखे हुए व आसानी से टूटने वाले नाखून थायराइड से जुड़े हो सकते हैं पीला रंग के लिए नाखूनों का टुटना फंगल इन्फेक्शन के कारण हो सकता है।

7. नाखूनों के आसपास सुजन (Swelling around nails)--

नाखूनों के आसपास की त्वचा लाल व सूजी हुई दिखाई देती है तो यह त्वचा रोग या टिश्यु डिसऑर्डर का परिणाम हो सकता है संक्रमण नाखूनों का आसपास की त्वचा लाल रंग और सूजन को बढ़ावा देता है।

Sunday, 23 June 2019

अदरक के महत्वपूर्ण 10 फायदे /लाभ, उपयोग-नुकसान (adarak ke mahatvapoorn 10 phaayade /laabh, upayog - nukasaan) ।।Important 10 Gains / Benefits of Ginger, Usage - Loss [ayurvedicsujhav]


Hello dosto Namskar 
अदरक एक प्रकार की औषधि हैं जिसका सेवन हम प्रतिदिन किसी न किसी रूप में करते हैं जैसे कि चाय बनाने में। अदरक के बिना तो चाय का स्वाद ही अधूरा है। इसी प्रकार हम अदरक का उपयोग सब्जी को स्वादिष्ट बनाने में करते हैं। इस प्रकार हम अदरक का उपयोग मसाले के रूप में करते हैं। अदरक से स्वाद बढ़ाने के अलावा भी हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है। अदरक का प्रतिदिन सेवन करने से अनेक प्रकार की बीमारियों को खतमा होता है। आइए आज हम जानेंगे इस पोस्ट के द्वारा अदरक के उपयोग में नुकसान


अदरक के फायदे व उपयोग ( benefits of ginger )

1• मोटापा कम करने में अदरक का उपयोग (Ginger use in reducing obesity)--

आजकल अधिकतर लोग मोटापे से परेशान होते हैं ।अदरक चयापचय (metabolism) को बढ़ावा देता है जो मोटापे को कम करता है अदरक का सेवन करने से शरीर में वसा कम होती है जो मोटापे को कम करती है।

2• एलर्जी को ठीक करने में अदरक का उपयोग (Use of ginger to cure allergy)--

धूल मिट्टी प्रदूषण और अशुद्ध वायु एलर्जी का प्रमुख कारण है। एलर्जी के साथ सर्दी और जुकाम को दूर करने के लिए अदरक बेहद मददगार साबित हो सकती है । इसमें मौजूदा एंटीहिस्टामाइन एलर्जी के असर को दूर करने में मदद करता है चक्कर आने पर मतली ठीक करने के लिए इसका सेवन फायदेमंद है।

3• हदय को स्वस्थ रखने के लिए अदरक का उपयोग (Use of ginger to keep the heart healthy)--

अदरक आने में तो उपयोग कर आप अपने शरीर में उपस्थित खराब कोलेस्ट्रोल(LDL)  को कम कर के अच्छे कोलेस्ट्रॉल(HDL)  के स्तर को बढ़ा सकते हैं। अच्छा कोलेस्ट्रोल हदय तथा रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ और सुरक्षा प्रदान करता है । अदरक हमारे खून को पतला तथा थक्का बनने से रोकता है अदरक  हाई-बीपी (high blood pressure)  को कम करके हृदय को स्वस्थ रखता है ।

4• पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में अदरक का उपयोग (Use of ginger to repair digestion)--

यह पित्ताशय से बाइल जूस के उत्पादन को बढ़ाने यानी स्रावित करने में मदद करता है जिससे पाचन प्रक्रिया के तेज होने में सहायता मिलती है। अगर अदरक का नियमित सेवन करें तो इसमें पाचन शक्ति दुरुस्त रहती है अदरक के रस को आंवला और शहद के साथ लिया जा सकता है।

5•  मधुमेह रोग को ठीक करने के लिए अदरक का उपयोग (Use of ginger to cure diabetes)--

अदरक का नियमित उपयोग कर मधुमेह रोग के प्रभाव को कम कर सकते हैं  मधुमेह रोग के रोगी अदरक का नियमित उपयोग कर उनके खून में शुगर को नियंत्रण कर सकते हैं। इंसुलिन प्रतिरोध और डायबिटीज के नियंत्रण के लिए अदरक का सेवन फायदेमंद होता है।


6• पेट दर्द से राहत पाने के लिए अदरक का उपयोग(Use of ginger to relieve stomach pain)--

मासिक धर्म के दौरान महिलाओं में पेट दर्द की समस्या आम है। ऐसे में अदरक की चाय मददगार है। मासिक धर्म के दौरान अदरक का सेवन करने से पेट का दर्द मरोड़ दूर होगी। एक शोध अनुसार 60% महिलाओं ने अदरक के सेवन से दर्द में कमी पायी। 

7• अस्थमा रोग के लिए अदरक का उपयोग(Ginger use for asthmatics)--

अदरक का नियमित सेवन करने से शोषण संबंधी रोगों का उपचार किया जा सकता है एंटीऑक्सीडेंट गुण होने के साथ अदरक में जेंरबोन योगिक होता है जो अस्थमा को ठीक करने में सहायक होता है। इसमें श्वसन नलिका में सूजन आ जाने के कारण एलर्जी होती है। अदरक के नियमित सेवन से इसे ठीक करने में मदद मिलती है।

8• थकान को कम करने में अदरक का उपयोग(Use of ginger in reducing fatigue)--

कुछ लोगों को सुबह उठते ही सिर भारी होने या मितली जैसी समस्याओं की शिकायत होती है। खासकर गर्भवती महिला में यह परेशानी ज्यादा देखी जाती है। ऐसे में अदरक का सेवन करने से शरीर को विटामिन बी-6( सिक्स )मिलता है जो सुबह होने वाली थकावट सिर दर्द और मितली से राहत पहुंचाता है।

9• यौन शक्ति बढ़ाने में अदरक का उपयोग(Use of ginger in sexual enhancement)--

अदरक से आने वाले खुशबू यौन इच्छा और क्षमता को बढ़ाने में सहायक होती है। शरीर के मध्य भाग में रक्त आते आसानी से फैलता है जो कि यौन शक्ति के लिए विशेष आवश्यक है।

10• जलन व सूजन को कम करने के लिए अदरक का उपयोग(Use of ginger to reduce irritation and inflammation)--

अदरक में मौजूद जिंजरोल मुख्य बायो जैविक घटक के औषधि गुण होता है उसमें प्रभावी एंटी-इन्फलेमेटरी तत्व और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो किसी भी दर्द या सूजन को दूर कर सकते हैं जब भी आपको शरीर के किसी भी हिस्से में पर जलन या सूजन हो तो अदरक का सेवन करें इससे आपको जलन या सूजन में राहत मिलेगी।

अदरक के कुछ नुकसान(Some ginger damage)--

जो औषधि हमारे लिए फायदेमंद होती हैं अपवाद के रूप में कुछ नुकसानदायक भी हो सकती है। अदरक आदि के सेवन से कुछ साइड इफेक्ट भी सामने आ सकते हैं अदरक की अधिक मात्रा से त्वचा पर रैशेज, अपच या मुंह में जलन हो सकती है दिन में 5 ग्राम से अधिक अदरक का सेवन ना करें खून संबंधी बीमारियां हो या कोई दवाई ले रहे हो तो अदरक का सेवन डॉक्टर को पूछ कर ही करें।


Friday, 14 June 2019

फलो के लाभ व फायदे /फलों के सेवन से विभिन्न प्रकार की बीमारियों को दूर करें -benefits of fruit / fruit intake [ayurvedicsujhav]

Hello dosto Namskar 
इस बात का तो आपको पता ही होगा कि फल हमारे स्वास्थ्य के लिए कितने गुणकारी होते हैं। फलों का सेवन करने से हमारे शरीर में विभिन्न खनिज और विटामिन की पूर्ति होती है। जो हमारे शरीर के लिए बहुत आवश्यक होते हैं। इन विटामिन की कमी से बहुत से रोग हो जाते हैं जिन्हें हम फलों के सेवन से दूर कर सकते हैं। फलों के सेवन से गंभीर बीमारी से भी छुटकारा पाया जा सकता है जैसे कि कैंसर, हृदय रोग आदि। 
फल खाने से मानव का शरीर स्वस्थ के साथ साथ सुंदर भी हो जाता है
तो आइए आज हम आपको बताएंगे कि कौन से फलों से कौन सी कौन सी बीमारियों को ठीक किया जा सकता है

विभिन्न प्रकार के फलों से विभिन्न प्रकार के लाभ -

1.सेब ( apple) 


  • बढ़ती उम्र के असर को छुपाने मे सहायक 
  • शुगर होने के खतरे को कम करें
  • बाल और स्किन को स्वस्थ रखने में मदद करें
  • कैंसर होने के खतरे को कम करें
  • वजन कम करने में सहायक
  • हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करें
  • दिल की बीमारियों से बचाए
  • खून की कमी को दूर करें
  • आंखों की रोशनी बढ़ाए
  • पाचन तंत्र को मजबूत करके कब्ज में छुटकारा दे


2.अनानास ( pineapple ) 



  • गठिया रोग के लिए लाभदायक 
  • मसूड़ों और दांतों को स्वस्थ रखे 
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए
  •  पेट के कीड़ों को से छुटकारा दिलाए पाचन क्रिया को दुरुस्त करें
  •  सूजन को कम करें 
  • हदय को स्वस्थ रखें 
  • त्वचा को झुर्रियों से बचाए 
  • वजन को कम करने में मददगार 
  • होटो और त्वचा को स्वस्थ रखें


3.सन्तरा ( orange) 



  • किडनी में पथरी होने से रोके 
  • आंखों को स्वस्थ रखे 
  • कोलेस्ट्रोल लेवल को नियंत्रण रखें
  • कैंसर होने से बचाए 
  • हदय को स्वस्थ रखें 
  • वजन घटाने में सहायक
  • त्वचा को जवान रखे
  •  रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएं


4. तरबूज ( watermelon )



  • त्वचा को जवान बनाए
  •  सिरदर्द ( headache)  में राहत दे 
  • गर्मियों में शरीर को ठंडक प्रदान करें
  •  त्वचा को खूबसूरत बनाए 
  • नपुंसकता को दूर करें 
  • बालों को मजबूत बनाए
  • कब्ज से छुटकारा दिलाए 
  • खून की कमी को दूर करें 
  • फेफड़ों को कैंसर होने से बचाए
  • हड्डियों और दातों को मजबूती दे


5. केला ( Banana )



  • पाचन तंत्र को ठीक करे
  •  शुगर को नियंत्रण रखें 
  • कैल्शियम की कमी को दूर करें 
  • बॉडी को ताकत प्रदान करें 
  • खून की कमी को दूर करें
  • स्ट्रोक के खतरे से बचाए
  •  सूजन को कम करें 
  • आंखों की रोशनी एवं दिमाग तेज करें


6. ब्रोकली ( broccoli )



  • दिल से जुड़ी बीमारी से बचाव करें 
  • बालों को स्वस्थ व त्वचा को जवान रखे 
  • कैंसर होने की आकांक्षा को कम करें 
  • अवसाद के खतरे से बचाव करें
  • इम्यूनिटी को बुस्ट करें 
  • गर्भावस्था में बहुत फायदेमंद 
  • हाई ब्लड प्रेशर को कम करें 
  • वजन कम करने में सहायक है 
  • ब्रेन पावर को सुधारें 
  • हड्डियों व आंखों को स्वस्थ रखें।


7. टमाटर (tomato) 



  • विटामिन की कमी को दूर करें 
  • कोलेस्ट्रोल को घटाएं 
  • पित्ताशय की पथरी होने से रोके 
  • डायबिटीज पर नियंत्रण रखें 
  • त्वचा को स्वस्थ रखे 
  • हदय की रक्षा करें 
  • पाचन क्रिया में सहायक है 
  • आंखों की रोशनी बढ़ाए 
  • बच्चों का विकास करें 
  • स्किन को हेल्दी रखें 
  • गर्भावस्था में महिलाओं के लिए लाभदायक 
  • वजन को कम करने में मददगार 
  • घटिया व पीठ दर्द में राहत दे 
  •  हड्डियों को मजबूत बनाइए 
  • कैंसर से बचाव करें 
  • बीपी को कंट्रोल करें 
  • आंखों की रोशनी बढ़ाए 
  • बालों को स्वस्थ रखें


8. अदरक ( Ginger )



  • रक्त संचार को ठीक करे 
  •  दांतो के दर्द को ठीक करे 
  • सर्दी खांसी को ठीक करे
  • सिर दर्द में राहत दे 
  • कैंसर होने से रोके 
  • सूजन को खत्म करें
  • पाचन तंत्र को सुधारे 
  • एसिडिटी होने से रोके


9. प्याज ( onion )



  • बालों को बढाए एवं मजबूती प्रदान करें 
  • ब्लड शुगर पर नियंत्रण करें 
  • अस्थमा के लिए बेहद फायदेमंद 
  • त्वचा को स्वस्थ बनाए 
  • एनिमिया से लड़े 
  • कैंसर से रक्षा करें 
  • मुख को स्वस्थ रखे 
  • हड्डि घनत्व को बढ़ाएं